Bhabhi aur didi ki chudai kahani

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लेस्बीयन लड़की की बूर चुदाई कहानी

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बात 6 महीने पहले की थी जब मैं रोज़ शाम को 4 बजे पर स्टेडियम जाया करता था। उस वक्त मेरे साथ बस में एक लड़की भी जाया करती थी, उसका नाम दिव्या था।रोज बस में मिलने से हम दोनों एक-दूसरे को जानने और बोलने लगे थे। हम दोनों को एक साथ आते-जाते हुए दो महीने हो गए थे.. पर मैं उसके बारे में कभी गलत नहीं सोचता था। धीरे-धीरे उससे मेरी दोस्ती हो गई और हम लोग साथ मिलने और घूमने भी जाने लगे।मैं बता दूँ कि दिव्या काफ़ी स्मार्ट और सेक्सी लड़की थी। उसकी बॉडी फिगर 32-28-34 का था।एक दिन ये हुआ कि हम दोनों एक बर्थ-डे पार्टी में थे, वहाँ दिव्या मेरे साथ ही आई थी, पार्टी में अपनी सहेली के साथ थी।
उस वक्त मैं अपने दोस्तों से बात करने लगा, मेरे एक दोस्त ने कहा- तूने दिव्या की बूर मारी है या नहीं?
तो मैंने मना कर दिया और कहा- मैं इसके बारे में बुरा नहीं सोचता हूँ।फिर मुझे बाथरूम जाना था तो मैं बाथरूम की तरफ़ चला गया। तभी मैंने सुना कि बगल के कमरे में से अजीब-अजीब सी आवाजें आ रही थीं। मैंने खिड़की के पास जाकर देखा तो दिव्या अपनी सहेली की बूर चाट रही थी। मैं वहीं खड़ा-खड़ा उन दोनों को देखता रहा और अपने लंड को सहलाता रहा।उस सहेली की चिकनी बूर क्या लाजवाब थी।फिर अचानक से मुझसे नीचे रखा गमला गिर गया, इस आहट से वो दोनों जल्दी से कपड़े पहन कर बाहर आ गईं।मैं वहाँ से बाथरूम में चला गया। मैं इस बात को लेकर बहुत उत्तेजित भी था और कुछ डरा हुआ भी था कि उन्होंने मुझे देख ना लिया हो।फिर मैंने बाथरूम में मुठ मार ली और पार्टी में आ गया।ये चुदाई कहानी चुदासी भाभी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर पता नहीं.. दिव्या मुझे देख-देख कर हँस रही थी। मैंने उससे कुछ नहीं कहा। फिर पार्टी खत्म होने के बाद दिव्या को मैं मेरी बाइक से उसके घर के पास तक छोड़ने जा रहा था।तो रास्ते में दिव्या ने मुझसे कहा- क्या देख रहे थे सूरज?मैं डर के मारे कुछ नहीं कह पा रहा था।वो मुझसे कहने लगी- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?
तो मैंने मना कर दिया।फिर उसने मुझे एक पार्क के पास बाइक रोकने को कहा। हम दोनों वहाँ रुक गए.. तो उसने आगे आकर मुझे होंठों पर किस करना शुरू किया। मैं भी उसे किस करने लगा, कुछ देर बाद हम दोनों ही चुदासे हो गए थे।मैं थोड़ा माहौल देखकर दिव्या को अपने दोस्त के फ्लैट पर ले गया। फ्लैट में आते ही वो मुझसे लिपट गई और जोर-जोर से किस करने लगी, वो मेरे लंड को सहलाने लगी, मैं भी उसे चूमता रहा और उसके बड़े-बड़े मम्मों को दबाने लगा।

उसने इसी बीच मेरा लम्बा और मोटा लंड बाहर निकाल लिया और हिलाने लगी।कुछ ही पल बाद वो नीचे बैठकर मेरे लंड को इस तरह चूस रही थी जैसे कि कुल्फी चूस रही हो। मैं भी उसका मुँह पकड़ कर उसके मुँह को चोद रहा था।कुछ देर बाद मेरा माल उसके मुँह में झड़ गया, वो मेरा पूरा रस स्वाद से पी गई जैसे कि शरबत पी रही हो।अब मैंने उसकी पेंटी उतारी और उसकी पिंक कलर की बूर को चाटने लगा।साथ ही मैं उसके मम्मों को भी दबाने लेगा। वो बूर चुसाई से बहुत गर्म हो चुकी थी और कहे जा रही थी- आह्ह.. ओर तेज्ज.. खा जाओ मेरी बूर को सूरज.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह्ह..मेरा लंड फिर से सख्त हो गया।दिव्या कहने लगी- अब और मत तड़पाओ.. मेरी बूर की प्यास बुझा दो सूरज।मैं उठा और अपना लंड उसकी गीली बूर पर रगड़ने लगा। मैंने लंड को धीरे से उसकी बूर में घुसेड़ने की कोशिश की.. पर वो बार-बार फिसल जाता था।अबकी बार मैंने बूर के होंठ फैला कर लंड का सुपारा लगाया और एक जोरदार धक्का मार दिया। ये चुदाई कहानी चुदासी भाभी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।मेरा थोड़ा सा लंड को उसकी बूर में धंस गया।वो चिल्लाने लगी- सूरज बहुत दर्द हो रहा है प्लीज़ निकालो सूरज..लेकिन मैं नहीं मानने वाला था, मैंने एक और धक्का मारा और अपना पूरा लंड उसकी बूर में पेल दिया। साथ ही उसके होंठों पर किस करने लगा।कुछ देर बाद वो भी गांड उठाकर मेरा साथ देने लगी, वो चुदते हुए कहने लगी- आह्ह फाड़ दो… आज बूर की प्यास बुझा दो.. फक मी सूरज…मैं भी जोश में आ गया और धक्के तेज कर दिए। कुछ ही मिनट बाद वो झड़ गई। परन्तु मैं अभी तक नहीं झड़ा था। फिर मैंने उसे बिस्तर पर चित्त लिटा कर उसकी बूर में और तेज धक्के लगाने लगा।कुछ मिनट के सेक्स के बाद मैं भी झड़ गया। हम दोनों बेहद थक चुके थे। हम दोनों लिपट कर सो गए।कुछ देर बाद फिर उठे और फिर से चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया। हमने उस रात 4 बार चुदाई की थी।उस दिन के बाद हम दोनों हफ्ते में एक-दो बार सेक्स कर ही लेते थे।दोस्तो.. आपको लड़की की बूर चुदाई की मेरी कहानी कैसी लगी। आप मेल करके बता सकते हो।कैसी लगी लेस्बीयन लड़की की चुदाई स्टोरी , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई लेस्बीयन लड़की की बूर चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब ऐड करो Lund ki pyasi lesbian ladki

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